रांची, 25 मार्च 2025 – झारखंड सरकार ने पर्यटन को नई ऊँचाइयाँ देने का फैसला लिया है। पतरातू घाटी, दशम झरना और नेतरहाट में बनने वाले 4 ग्लास ब्रिज (स्काईवॉक) पर्यटकों को आसमान में चलने का एहसास दिलाएंगे। यह प्रोजेक्ट झारखंड को भारत के एडवेंचर टूरिज्म मैप पर स्थापित करेगा।

कहाँ-कहाँ बनेंगे ग्लास ब्रिज?
स्थान | विशेषता |
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नेतरहाट (मैगनोलिया प्वाइंट) | 1,300 मीटर ऊँचाई से दिखेगा सूर्योदय का मनोरम दृश्य |
नेतरहाट (कोयल व्यू प्वाइंट) | कोयल नदी घाटी का बर्ड्स आई व्यू |
पतरातू घाटी | “झारखंड का ग्रैंड कैन्यन” कहलाने वाली खूबसूरत वादी |
दशम झरना | 144 फीट ऊँचे झरने के ठीक ऊपर से गुजरेगा ब्रिज |
प्रोजेक्ट हाइलाइट्स
- डायमेंशन: 45m लंबा, 3m चौड़ा (1.2m रेलिंग)
- पर्यावरण अनुकूल: वन्यजीवों को शून्य नुकसान सुनिश्चित करने के लिए विशेष डिज़ाइन।
- समयसीमा: DPR तैयार होने के बाद 2026 तक पूरा होने की उम्मीद।
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
- रोजगार: 500+ स्थानीय युवाओं को मिलेगा काम।
- रिकॉर्ड: नेतरहाट का ब्रिज भारत का सबसे ऊँचा ग्लास ब्रिज बन सकता है!
- टूरिज्म बूस्ट: प्रोजेक्ट से 2x पर्यटक आने का अनुमान।
स्थानीय लोग क्या कहते हैं?
“यह ब्रिज हमारे गाँव के युवाओं के लिए वरदान साबित होगा। पर्यटक आएंगे तो होमस्टे और स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी!”
– राजू मुंडा, नेतरहाट होमस्टे ऑनर
कल्पना कीजिए…
ग्लास ब्रिज से दिखने वाला नेतरहाट का सनराइज व्यू कितना ही ज्यादा खूबसूरत और खास दिखाई देगा, आप हमें नीचे कमेंट करके बताएं की, आप सबसे पहले किस ग्लास ब्रिज पर जाना चाहेंगे?
आगे की राह
- ट्रैवल गाइड: ब्रिज बनने के बाद कैसे पहुँचें? कहाँ ठहरें? (पूरा ब्लॉग पढ़ें)
- सरकारी योजनाएँ: झारखंड टूरिज्म पॉलिसी 2025 की जानकारी (यहाँ क्लिक करें)
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